पक्षियों पर खतरा!
जानकारी : मानवीय हस्तक्षेप के चलते पक्षियों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है और ऐसा अनुमान है कि आने वाले 100 साल में पक्षियों की 1183 प्रजातियां विलुप्त हो सकती है। इस दुनिया में पक्षियों की करीब 9900 ज्ञात प्रजातियां है। विभिन्न कारणों से पक्षियों की प्रजातियों का विलुप्त होना जारी है। सन 1500 से लेकर अब तक 'भगवान के डाकिए' कहे जाने वाले इन खूबसूरत जीवों की 128 प्रजातियां विलुप्त हो चुकी हैं। इन्हीं में से एक है गरुड़। भगवान विष्णु के वाहक के रूप में जाने वाले गरुड़ भी विलुप्त होने के कगार पर है। दुर्लभ पक्षियों की श्रेणी में आ चुके बड़े गरुड़ की संख्या भागलपुर, बिहार के कदवा दियारा में गरुड़ का बसेरा है। जो लगातार वृद्धि कर रही है। इसका बायोलॉजिकल नाम लैपटॉप तसलया डूबियस है। यह स्टार्क प्रजाति के पक्षी है। कदवा, मधेपुरा जिला-भागलपुर जिला का सीमावर्ती क्षेत्र है। कोसी नदी के दियारा क्षेत्र में बाबा विशु राउत सेतु के उत्तरी भाग में इनका बसेरा देखा जा सकता है। यहां तक की कादवा के फोरलेन सटा पीपल वृक्ष पर इनकी घोसला देखने को मिलता है। गरुड़ कंबोडिया और आसोम में भी पाया जाता है, लेकिन वहां इसकी आबादी घट रही है। जबकि कदवा दियारा में इसकी आबादी बढ़ रही है। अब यहां की हिस्सेदारी दुनिया में 50 प्रतिशत हो गई है। ऐसा देखा जा रहा है कि इस इलाके में घोसलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वैज्ञानिक का मानना है कि गरुड़ के लिए यह क्षेत्र अनुकूल है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें