ब्रहमांड में अहम है सूर्य

ज्योतिष : सूर्य हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा पिंड है। ऊर्जा का यह परम शक्तिशाली भंडार मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसों का एक विशाल गोला है। परमाणु विलय की प्रक्रिया से सूर्य अपने केंद्र में ऊर्जा पैदा करता है। सूर्य से निकली ऊर्जा का छोटा सा भाग ही पृथ्वी पर पहुँचता है जिसमें से १५ प्रतिशत अंतरिक्ष में परावर्तित हो जाता है, ३० प्रतिशत पानी को भाप बनाने में काम आता है और बहुत सी ऊर्जा पेड़-पौधे समुद्र सोख लेते हैं। सूर्य से पृथ्वी की औसत दूरी लगभग १४,९६,००,००० किलोमीटर या ९,२९,६०,००० मील है तथा सूर्य से पृथ्वी पर प्रकाश को आने में ८.३ मिनट का समय लगता है। सूर्य की सतह का निर्माण हाइड्रोजन, हिलियम, लोहा, निकेल, ऑक्सीजन, सिलिकन, सल्फर, मैग्निसियम, कार्बन, नियोन, कैल्सियम, क्रोमियम तत्वों से हुआ है, जिसमें हाइड्रोजन सूर्य के सतह की मात्रा का ७४ प्रतिशत और हीलियम २४ प्रतिशत है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को पूरे ब्रहृमांड में अहम बताया गया है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य जब 12 राशियों में अलग—अलग समय प्रवेश करता है तो उन राशियों पर विभिन्न प्रभाव पड़ते हैं—
मेष राशि
में सूर्य : इस राशि में सूर्य का स्वभाव पराक्रम और राजनीति दोनों के लिये मिश्रण का प्रभाव देने के लिये जाना जाता है। सूर्य अगर राज्य है तो मंग्ल तकनीक है रक्षा है हिम्मत है पराक्रम है सेना का बल है आदि बातें मानी जाती हैं।
वृष राशि में सूर्य : इस राशि में सूर्य का आस्तित्व धन और वित्त सम्बन्धी कारणों में उलझ कर रह जाता है, जहां आत्मा भौतिक धन के अन्दर उलझती है, आत्मा का पतन शुरु हो जाता है और जातक की सोच केवल धन और अपने अहम के अन्दर ही अटकी रहती है।
मिथुन राशि में सूर्य : इस राशि में सूर्य के होने से जातक के अन्दर अपने पराक्रम और हिम्मत को दिखाने के लिये राजकीय कारण पैदा हो जाते हैं, वह अपने को राजकीय परिवेश में दिखाने की कोशिश करता है साथ ही लोगों के साथ रहने पर अपने को शाही अवस्था में दिखाने की जरूरत समजता है।
कर्क राशि में सूर्य : इस राशि में सूर्य व्यापार के भाव में होता है। जातक को जंगली कारकों के लिये अपने व्यवसाय का रूप देता है। घर से सम्बन्धित काम करने सजाने संवारने के काम जातक को खूब आते हैं। जातक को विश्वकर्मा की कृपा प्राप्त होती है। लकड़ी, तांबे के काम में जातक आगे बढ़ता जाता है। जातक की माता के घर में अहम होता है।
सिंह राशि में सूर्य : जातक को खेल कूद राजनीति करने और सरकारी शिक्षा मनोरंजन आदि के क्षेत्र में जाने का अवसर प्राप्त होता है। अक्सर जातक के अन्दर एक प्रकार से राजनीति की चाह अधिक होती है वह राज्य से किसी न किसी प्रकार से धन कमाने के अन्दर अपने मन को लगाता है।
कन्या राशि में सूर्य : इस राशि में सूर्य अपने को कर्जा दुश्मनी बीमारी नौकरी आदि के लिये अपना रूप देखने लगता है। जातक का पिता गरीबी में हुआ होता है और जातक के द्वारा अथक मेहनत करने के बाद ही रोजी रोटी नसीब होती है। जातक को सरकारी सेवा में भी जाने के लिये सेवा वाले काम ही करने होते हैं जो अफ़सरों के लिये उनके सेवा आदि के कार्यों से जुडे होते हैं।
तुला राशि में सूर्य : जातक को एक से अधिक विवाह करने भोग्या अभोग्या सभी को भोगने में रुचि का लगना भी माना जाता है। जातक अपने कुल वंश की परम्परा तोड़कर जो भी मन में आता है करने लगता है, उसका काम बदलने में घर बदलने में और जीवन साथी तक को बदलने में कोई हिचक नहीं होती है, वह अपने को कभी भी किसी भी माहौल में ढाल लेने की हिम्मत रखता है।
वृश्चिक राशि में सूर्य : जातक के पिता या जातक को ह्रदय की बीमारी भी देता है और आंखों की रोशनी को भी कम करता है। जातक की पुत्र सन्तान के लिये यह सूर्य दिक्कत देने वाला होता है और जातक के लिये एक प्रकार से पितर दोष का कारण भी बनता है।
धनु राशि में सूर्य : सूर्य कानून और परिवार की मर्यादा में राजनीति की स्थिति को प्रदान करता है जहां पर कानून की मान्यता होती है वहां यह सूर्य अपनी राजनीति और अहम से कानून को बदलने का काम करता है और इस प्रकार से कानून नहीं रहता है अनीति का बोलबाला हो जाता है उसी प्रकार से जातक अपने परिवार और कुल के अन्दर भी अपने अहम को प्रसारित करता है फ़लस्वरूप जो भी परिवार और समाज की मान्यतायें होती हैं उन्हें बदलने के कारण परिवार बिखरने लगते है।
मकर राशि में सूर्य : जातक का राजयोग समाप्त हो जाता है। जातक के पिता के दो भाइयों में एक की ही पुत्र संतान चलती है, एक की किसी न किसी करण से समाप्त हो जाती है। पिता के द्वारा भी स्थान बदलने के कारण दूसरे प्रान्त देश आदि में निवास बनता है।
कुम्भ राशि में सूर्य : सूर्य जातक को परिवार में बड़प्पन का प्रभाव देता है, वह राजकीय सेवा में ऊंचे पद पर जाने का अधिकारी होता है। जातक के पुत्र के अन्दर भी घटिया राजनीति होती है और वह अपने पिता के पद का दुरुपयोग करता है, जातक के दाहिने भाग मे किसी हड्डी वाले रोग से आजीवन पीडा रहती है, जातक अक्सर लाभ के मामले में ठेकेदारी और इसी प्रकार के काम करने का शौकीन होता है।
मीन राशि में सूर्य : जातक के अन्दर राजसी गुण को भरता है। दाहिनी आंख में दिक्कत का होना भी होता है साथ ही बड़प्पन के कारण जातक की यात्रायें और खर्चा भी बहुत होता है।

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