जानें कहां लगता है साढ़े तीन साल का सूर्यग्रहण!

जानकारी : ब्रह्मांड दो तारे हैं जो कि पृथ्वी से एक हजार प्रकाश वर्ष दूर स्थित हैं। वैज्ञानिकों ने टीवाइसी 2505-672-1 युगल तारों में सबसे लंबे तथा सर्वाधिक अवधि के बाद लगने वाले ग्रहण का पता लगाया है। यह शोध एस्ट्रोनोमिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ है। वांडरबिल्ट विश्वविद्यालय के विज्ञानी जोए रोड्रिग्स ने अपने शोध में बताया कि दो विशेष खगोलीय पिंडों से यह खोज करना संभव हो पाया। टीवाईसी बेहद दूर होने के कारण उसके चित्र आदि लेने की संभावनाएं बेहद सीमित रहीं। लेकिन वैज्ञानिकों ने सहयोगी सितारे का तापमान दर्ज कर लिया। इसके सहयोगी तारे का तापमान सूर्य की सतह से दो हजार डिग्री सेल्सियस अधिक था। इस तरह का अगला ग्रहण 2080 में लगेगा। गौरतलब है कि इससे पहले सहयोगी तारे के कारण सबसे लंबे और अधिक अवधि के ग्रहण का रिकॉर्ड 27 वर्ष और 640 से 730 दिन का था जो कि एक अन्य विशाल तारे एप्सिलोन औरिगी के नाम था जो पृथ्वी से 22 सौ प्रकाश वर्ष दूर तथा बेहद चमकीला है।

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