सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलनों से सभी को साथ जोड़ने का प्रयास कर रही भाजपा

विचार। उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी 2022 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव में जातीय समीकरण दुरुस्त करने के मद्देनजर सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलनों की शुरुआत बीते 17 अक्टूबर से कर रही है। सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलनों में ‘सबका साथ-सबका विकास-सबके विश्वास’ और सबके प्रयास से आत्मनिर्भर भारत का मंत्र लेकर जन-जन से जुडऩे का प्रयास भाजपा कर रही है। बता दें कि बीते 17 अक्टूबर को प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पंचायत भवन में सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन अभियान की शुरुआत हुई थी। इस अभियान के तहत भाजपा 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक 27 सम्मेलन आयोजित करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की केन्द्र सरकार और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में राज्य में भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं व ऐतिहासिक निर्णयों के सम्बन्ध में प्रदेशवासियों से संवाद कर रही है। मालूम हो कि भारतीय जनता पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भी सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन के नाम पर अलग-अलग जातियों के लोगों को प्रदेश भर से बुलाकर यहां सम्मेलन आयोजित किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोनिया और चौहान समाज के लोगों को संबोधित करते हुये कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में सबका साथ सबका विकास का मंत्र दिया था। इसका एक ही मकसद है कि हम सब एकजुट होंगे तब ही विकास का काम होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी या अन्य कोई भाजपा का मुख्यमंत्री हो, सभी भारतीय जनता पार्टी की सद्नीतियों को लागू करके विकास कार्य करते हैं। भारतीय जनता पार्टी का जो मूल विचार है देश उत्थान का, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी के तहत कार्य कर रहे हैं और परिणाम आपके सामने है, सिर्फ एक ही ताजा उदाहरण बताना यहां काफी है-वह है सौ करोड़ लोगों का सफलतापूर्वक वैक्सीनेशन। विरोधी कहते रहे यहां वैक्सीन की कमी है, वहां वैक्सीन की कमी है, लेकिन जनता ने कभी नहीं कहा कि वैक्सीन की कमी हैं, हां विरोधी पार्टी के जो मतदाता हैं, उन्होंने जरूर शोर मचाया कि वैक्सीन से फलां मर गया, वैक्सीन है ही नहीं, वैक्सीन के लिये मारामारी चल रही है, लेकिन इस शोर का जनता पर कोई असर नहीं हुआ। बहरहाल, सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने आज यानि शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में देश की बाहरी के साथ ही आंतरिक सुरक्षा को बेहद मजबूती मिली है। कांग्रेस तो देश की कीमत पर राजनीति कर रही थी। इसी कारण आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को खतरा था। कांग्रेस नेतृत्व की यूपीए सरकार देश की कीमत पर राजनीति कर रही थी, देश की बाह्य और आंतरिक सुरक्षा खतरे में थी। कभी चीन तो कभी पाकिस्तान भारत की सीमाओं में घुसपैठ करता था और जब कभी इसकी आवाज उठती थी तो कांग्रेस नेतृत्व की सरकार कहती थी कि चुप हो जाओ। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल ने तो मध्यकाल के आतंक की याद दिला दी थी। उस समय तो तहसील व थाने बिक चुके थे। हर तरफ केवल लूट मची थी। प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में मंदिरों और धर्मस्थलों पर हमले किये गए। तब तो रामभक्तों पर गोली चलाई गई और आतंकियों को माफी दी गई थी। सपा ने सबसे पहले आतंकियों के मुकदमे वापस लेने का काम किया। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कृषि विभाग में नवचयनित 1863 प्राविधिक सहायकों को नियुक्ति पत्र वितरित किया। इस अवसर पर प्राविधिक सहायको से मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपको नियुक्ति पत्र देने के लिए इस कार्यक्रम की आवश्यकता नहीं थी। आपको फोन करके बताया जा सकता था कि आप अपने जनपद में जाकर नियुक्ति पत्र लेकर नौकरी शुरू कर सकते थे। परंतु हमने आपको यहां बुलाकर सम्मानित किया। आप गौरवान्वित महसूस कर सकें और उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने में अपना संपूर्ण सहयोग दे सकें। पहले कोई भी काम इमानदारीपूर्वक पारदर्शी तरीके से नहीं हो पाता था। अफसरशाही आड़े आती थी, आज उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में नम्बर वन बन गया है। प्रदेश सरकार ने साढ़े चार साल के कार्यकाल में साढ़े चार लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी हैं। सरकार ने चयन की पूरी प्रक्रिया सुधार कर एक साफ-सुथरी व्यवस्था बनाई है। पारदर्शी तरीके से चयनित प्रदेश के युवाओं ने प्रदेश के विकास में अपना योगदान दिया है।

अभिषेक त्रिपाठी
8765587382

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