बेहद चालाक होते हैं सुनहरे बाल वाले लोग
धर्म। ज्योतिष शास्त्र की सूक्ष्म इकाई सामुद्रिक शास्त्र में कहा गया है कि पुरुष व महिला के अंगों को देखकर उसके स्वभाव, गुण व भविष्य के बारे में पता लगाया जा सकता है। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जिन लोगों के बाल काले होते हैं, वे अनुशासन के बहुत पक्के माने जाते हैं। ऐसे लोग एक बार जिस काम की जिम्मेदारी ले लें तो फिर उसे पूरा करते ही हैं। जीवन में खूबसूरती और ईमानदारी के प्रति आकर्षित होते हैं, दूसरे लोगों को काफी सम्मान करते हैं। वहीं सुनहरे बाल वाले लोगों को शांतिप्रिय और चालाक माना गया है। ऐसे लोग थोड़े मनमौजी स्वभाव के होते हैं लेकिन अपने परिवार को हमेशा पहले स्थान पर रखते हैं। कला और साहित्य में काफी रूचि रखते हैं, आत्मविश्वास की थोड़ी कमी होती है। जिन लोगों के बाल घुंघराले होते हैं, वे अपने काम को लेकर काफी गंभीर और रचनात्मक स्वभाव के माने जाते हैं, ऐसे लोग पूरी लगन और निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं, कठोर मेहनत करना उनकी खूबी होती है और इसी के बल पर वे अपनी पहचान बनाते हैं। वहीं चिकने और मुलायम बाल वाले लोगों के अंदर लीडरशिप क्वालिटीज कूट-कूटकर भरी होती हैं, ऐसे लोग अपने स्वभाव से बहुत जल्दी दूसरों को प्रभावित कर लेते हैं, ऐसे लोग जीवन में खूब सुख-समृद्धि हासिल करते हैं और समाज में यश प्राप्त करते हैं। जिन लोगों के बाल पतले होते हैं, वे स्वभाव से दयालु व प्रेमी स्वभाव के होते हैं। नि:संकोची व खुले स्वभाव के होते हैं। ऐसे लोग हर चीज में कुछ नयापन ढूंढने में यकीन करते हैं। जिन लोगों के बाल सीधे होते हैं, वे हर बात बहुत समझदारी से करते हैं, कोई भी काम मिलने पर वे उसके तमाम पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद सब बातें प्लान होने पर वे काम शुरू करते हैं, ऐसे लोग किसी भी तरह की जिम्मेदारी उठाने से पीछे नहीं हटते। बता दें कि समुद्र शास्त्र में यह भी बताया गया है कि जिस युवती या महिला के नेत्रों के ऊपर और नीचे की त्वचा हल्की लालिमा लिए हुए और आखों की पुतली काली व सफेद हिस्सा दूध के समान हो तो वह बहुत ही भाग्यवान मानी जाती है, जिसकी चाल राजहंस के समान और जिसकी कमर बाघ के समान पतली हो, ऐसी स्त्री सभी सुखों को भोगने वाली मानी जाती है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें