बड़ा ही शुभकारी है चैत्र का महीना
ज्योतिष : चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष में नववर्ष शुरू हो रहा है, जो इस वर्ष यानि 2021 में 13 अप्रैल को पड़ रहा है। चैत्र माह के अंतिम दिन यानी पूर्णिमा को चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में होता है, इसलिए इसे चैत्र कहते हैं। चैत्र माह में कई व्रत और त्योहार आते हैं। इन दिनों प्रकृति में हर तरफ उत्साह का संचार भी होता है। पौधों, पेड़ों में नयी शाखाएं निकलती हैं तो वहीं आदिशक्ति दुर्गा की उपासना का पवित्र पर्व भी पड़ता है। ब्रह्मा ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि की रचना शुरू की थी। इसी दिन भगवान विष्णु ने दशावतार में से पहला मत्स्य अवतार लेकर प्रलयकाल में जल में से मनु की नौका को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया था। प्रलयकाल खत्म होने पर मनु से ही नई सृष्टि की शुरुआत हुई। आधुनिक युग में मान्यता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन पृथ्वी का उदय हुआ था, जिसमें सबसे पहले तिब्बत का ऊपरी भाग दिखा था। वहीं यह भी कहा जाता है कि चैत्र माह में ठंडे जल से स्नान करना चाहिए, गर्म पानी से नहीं। मौसम में बदलाव के कारण शरीर में गर्म पानी से नहाने के कारण कुछ कमजोरी या संक्रमण की आशंका बनी रहती है। चैत्र माह में सूर्योदय से पहले उठकर ध्यान और योग का विधान है व सूर्य और देवी की उपासना करने से मन प्रसन्न रहता है और मन, मष्तिष्क में नयी ऊर्जा का संचार होता है, पद-प्रतिष्ठा मिलती है। चैत्र माह के दौरान नियमित पेड़-पौधों में जल डालना चाहिए और लाल फलों का दान करना शुभकारी माना गया है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें