एक हजार 75 साल बाद एक सीध में होंगे शुक्र, बृहस्पति, मंगल और शनि

ज्योतिष। भारतीय समयानुसार, सूर्यग्रहण 30 अप्रैल की रात 12 बजकर 15 बजे से शुरू होगा और 1 मई की सुबह 4 बजकर 8 बजे ग्रहण खत्म हो जाएगा। इस दौरान शुक्र, बृहस्पति, मंगल और शनि एक कतार में दिखेंगे। टेलिस्कोप के जरिए यह साफ दिखाई देगा। बता दें कि शुक्र और बृहस्पति का करीब आना व मंगल और शनि का कतारबद्ध होना एक सत्य घटना नहीं है, यह मात्र पृथ्वी से दिखने वाली स्थिति है। असलियत में शुक्र और बृहस्पति एक-दूसरे से लगभग 43 करोड़ मील की दूरी पर हैं। इससे पहले चारों ग्रहों के एक कतार में आने की घटना तकरीबन 1,075 साल पहले 947 ईस्वी में हुई थी। दरअसल, यह खगोलीय स्थिति इसीलिए पैदा हो रही है कि सूर्य की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी अपनी कक्षा में लगातार घूम रही है और इस कारण से महीने-दर-महीने इससे दूसरे ग्रहों की स्थिति बदल रही है। 1 मई 2022 के बाद शुक्र और जुपिटर एक-दूसरे से दूर होते नजर आएंगे। इनके संयोजन का अगला नजारा अब साल 2039 में देखने मिलेगा।

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