उपकार भूलने वाले होते हैं अहंकारी

लघुकथा। गुलाब के फूल ऊपर की टहनी पर खिल रहे थे और सड़ा गोबर उसकी जड़ में सिर झुकाये पड़ा था। गुलाब अपने सौभाग्य से सड़े गोबर के दुर्भाग्य की तुलना करते हुए गर्व से बोला और व्यंग्य की हंसी हंस दी। माली उधर से निकला तो उससे यह सब देखा नहीं गया और गुलाब के कान से मुंह सटाकर कहा कि तुम्हें इस सुंदर स्थिति में पहुंचाने में इन पिछड़े समझे जाने वालों का कितना योगदान रहा है, जरा इसे भी समझने का प्रयास करो। अहंकार वही लोग करते हैं जो दूसरों का उपकार याद नहीं रखते।

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