भला करने वालों से लोग अधिक प्यार करते हैं

लघुकथा। एक बगीचा था, उसमें तितली और मधुमक्खी दोनों एक ही फूल पर आकर बैठतीं। एक दिन दोनों झगड़ने लगीं कि फूल पर मेरा अधिकार है। फैसला कराने के लिये तोते को बुलाया गया। उसने मधुमक्खी के पक्ष में निर्णय दिया और कहा कि यह दूसरों के लिए शहद निकालती है, इसलिए बैठने का अधिकार तो इसी का रहेगा। तितली को उदास देखकर तोता कहने लगा कि यदि मधुमक्खी तुम्हें अनुमति दे तो तुम भी फूल पर बैठ सकती हो, लेकिन लोग उसी को अधिक प्यार करते हैं जो उनका भला करता है।


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