'पृथ्वी पर ज्ञान ही स्वर्ग के समान है'

सुविचार : कलयुग का अभी प्रथम चरण चल रहा है यानि कि अधर्म और अन्याय का बोलबाला। कलयुग में क्या—क्या होने वाला है और कितने वर्षों का रहेगा कलयुग, इन सबका आकलन बड़े ही सटीक पुराणों और शास्त्रों में है। वहीं धर्मग्रंथ महाभारत में ऐसी ज्ञान की हजारों बातें हैं, जो मानव के दैनिक जीवन में आवश्यक है।
— झूठ बोलना या झूठ का साथ देना एक ऐसा अज्ञान है, जिसमें डूबे हुए लोग कभी भी सच्चे ज्ञान या सफलता को नहीं पा सकते।
— धरती पर अच्छा ज्ञान या शिक्षा ही स्वर्ग है और बुरी आदतें या अज्ञान ही नरक।
— जिस काम को करने के पुण्य की प्राप्ति हो या दूसरों का भला हो, उसे करने में देर नहीं करनी चाहिए। जिस पल वे काम करने का विचार मन में आए, उसी पल उसे शुरू कर देना चाहिए।
— पुण्य कर्म जरूर करना चाहिए, लेकिन उनका दिखावा बिल्कुल भी न करें। जो मनुष्य लोगों के बीच तारीफ पाने के लिए या दिखावे के उद्देश्य से पुण्य कर्म करता है, उसे उसका शुभ फल कभी नहीं मिलता।
— सभी लोगों के साथ एक सा व्यवहार करने वाला और दूसरे के प्रति मन में दया और प्रेम की भावना रखने वाला मनुष्य जीवन में सभी सुख पाता है।
— अपने मन और इन्द्रियों को वश में रखने वाले मनुष्य को जीवन में किसी भी तरह के कष्ट का सामना नहीं करना पड़ता। ऐसे व्यक्तियों के मन में दूसरों का धन देखकर भी जलन जैसी भावनाएं नहीं आती।
— धर्म में अस्था न रखने वाले और सज्जन या ज्ञानी लोगों का मजाक उड़ाने वाले लोगों का विनाश जल्दी ही हो जाता है।

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