पोस्ते की फसल से तैयार होता है अफीम, हेरोइन व मार्फीन
विचार। देश में पोस्ते की फसल उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में मुख्यत: बोई जाती है। पोस्त की खेती व व्यापार के लिये सरकार के आबकारी विभाग से अनुमति लेना जरूरी है। पोस्ते के पौधे से अहिफेन यानि अफीम निकलती है, जो नशीली होती है। आयुर्वेद में दस्त बन्द करने वाली सभी दवाओं में अफीम का मिश्रण होता है। कर्पूर रस अहिफेन युक्त अफीम से बनने वाली दवा है। सेक्स के कुछ उत्पाद भी अफीम युक्त होते हैं, लेकिन इनसे तत्कालिक लाभ ही मिलता है। हेरोइन में मार्फिन भी होता है, जो मेडिकल क्षेत्र में पेनकिलर दवा के रूप में काम में लिया जाता है। अफीम और एसिटिक मिलाकर हेरोइन तैयार की जाती है। इसका केमिकल फार्मूला है डाई एसिटिल। हेरोइन शारीरिक और मानसिक क्षमता को कम कर देती है। भारत में अफीम की पैदावार का प्रयोग दूसरे देशों में होने वाले व्यापार के लिए जमकर किया जाता था। अंग्रेजों ने अपने फायदे के लिए नशे की खेती कराई और अफीम के जरिए अपनी एकाधिकार कायम किया। मौजूदा दौर में भारत सरकार अपनी अफीम नीति के तहत लाइसेंस देती है। इसके लिए लाइसेंस के लिए कोई आवेदन नहीं करना पड़ता है बल्कि पहले से मौजूद रिकॉर्ड के ...