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हिंदी दिवस : कहां से आई हिंदी

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विचार : देश में आज यानि 14 सितम्बर 2019 को हिंदी दिवस उत्साह से मनाया जा रहा है। हिंदी भाषा देश की आधिकारिक भाषा और संयुक्त अरब अमीरात में मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक भाषा है। देश में हिंदी करीब 4.25 करोड़ लोगों की पहली भाषा है और करीब 12 करोड़ लोगों की दूसरी भाषा है। हिंदी भाषा कब और कैसे आया, इसका अंदाजा लगा पाना मुश्किल है लेकिन यह सर्वविदित है कि हिंदी मातृभाषा संस्कृत की छोटी बहन है। यानि इस लिहाज से हिंदी हिंदुओं की मौसी हुई और होनी भी चाहिए। फिलहाल हिंदी के विषय में कई किंदवंतियां भी हैं। कहा गया कि हिंदी का नाम फारसी शब्द हिंद से लिया गया, जिसका अर्थ है "सिंधु नदी की भूमि।" फारसी बोलने वाले तुर्क जिन्होंने गंगा के मैदान और पंजाब पर आक्रमण किया, 11वीं शताब्दी की शुरुआत में सिंधु नदी के किनारे बोली जाने वाली भाषा को "हिंदी" नाम दिया गया। इन सब के बावजूद एक अहम बात है कि हिंदी उसे कहते हैं, जो हिंदू लोग प्रयोग करते हैं। अब हिंदू कौन हैं—हिंदू वह हैं, जो हिमालय से लेकर इंदु सरोवर तक सर्वत्र फैले हुए हैं, उन्हें हिंदू हिमालय का पहला अक्षर हि और इंदु सरोवार का प...

फुरसत के भी पल निकालें

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जीवनशैली : सबसे पहले खुद को रिलैक्स करें, रिलैक्स का अर्थ है फुर्सत से सांस लें, पानी पीएं, अपने मनपसंद का काम करें. अक्सर महिलाएं ऑफिस से घर जाते ही इस चिंता में डूब जाती हैं कि आज डिनर में क्या बनवाऊं या बनाऊं. इस परिस्थिति में आप अपनी ये आदत बदलें. कुछ ऐसा करें जिससे आपको वास्तव में आनंद मिलता हो. यह आप अपने साथी या परिवार के साथ भी कुछ समय बिता सकते हैं. बिस्तर से ठीक पहले खाया गया भारी भरकम खाना या स्नैक्स नींद में खलल डाल सकते हैं. यदि आप बिस्तर पर जाने के दौरान भूखे हैं तो हल्का नाश्ता खाएं. कम कार्बोहाईड्रेट और प्रोटीन युक्त खाने जैसे जैसे, सेब, दही आदि खाएं. हम में से ज्यादातर लोगों को रात में सोते वक्त मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की आदत होती है. लेकिन क्या आपको पता है कि यह हमारी आंखों के साथ स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है. आप टीवी देख सकते हैं क्योंकि यह आपकी आंखों से काफी दूर होता है. हममें से ज्यादातर लोग जानते हैं कि फोन या कंप्यूटर से निकलने वाली नीली रोशनी का प्रभाव नींद की गुणवत्ता और सतर्कता पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. सोने से दो-तीन घंटे पहले नहाएं। रोज एक ही समय...

दो गिलास रोज सॉफ्ट ड्रिंक पीने से बढ़ता है मौत का खतरा

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जीवनशैली : अध्ययन के अनुसार, रोजाना चीनी या आर्टीफिशियल स्वीटनर वाली सॉफ्ट ड्रिंक पीने से समय से पहले मौत का जोखिम बढ़ जाता है. कुल 10 यूरोपीयन देशों के 4,50000 प्रतिभागियों के ऊपर की गई सर्वे में ये बात सामने आई है. जामा अंतरराष्ट्रीय मेडिसीन में छपे इस अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने सॉफ्ट ड्रिंक का लोगों के स्वास्थ्य के ऊपर हो रहे असर का अध्ययन किया. यह पाया गया कि जो लोग प्रति दिन दो या अधिक ग्लास सॉफ्ट ड्रिंक पीते थे, उनकी मृत्यु दर उनके मुताबिक अधिक थी जो प्रति माह एक ग्लास से कम सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन करते थे.  शोधकर्ताओं ने पाया कि सॉफ्ट ड्रिंक के रोज़ाना सेवन से पाचन संबंधी रोग ज्यादा होते हैं. इसके अलावा सॉफ्ट ड्रिंक्स में मौजूद फास्फोरिक एसिड हमारी हड्डियों को कमजोर बना देती हैं. इसके रोजाना सेवन से वजन तो बढ़ता ही है साथ ही आपको कैफीन की लत भी लग जाती है. गैस की प्रॉब्लम और नींद न आने की समस्या भी इससे जुड़ी हुई होती है.  इसके लगातार सेवन से आपको माइग्रेन, मेमोरी लॉस होना, इमोशनल डिसऑर्डर्स, देखने में कमी होना, सुनने में कमी होना, सांस लेने में दिक्कत होना जैसे क...

इस मसाज से दूर होगा साइनस का दर्द

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स्वास्थ्य : साइनसाइटस का दर्द इससे जूझने वाले लोग ही समझ सकते हैं। जरा सी सर्दी-जुकाम से भी मरीज बेहद परेशान हो जाता है। सिरदर्द, खांसी, बुखार और सूजन से हाल बेहाल हो जाता है। साइनसाइटस एक ऐसी कंडीशन है जिसमें ठंड या ऐलर्जी की वजह से साइनस में सूजन आ जाती है। कई लोग इस दर्द से राहत के लिए दवा लेते हैं। हालांकि, इसके लिए कुछ खास मसाज हैं जिसके जरिए आप दर्द से आराम पा सकते हैं। साइनसाइटस के दर्द से मसाज आसानी से आराम दिला सकता है। इसके लिए आपको कुछ विशेष पॉइंट्स पर मसाज करने की जरूरत होती है। हमारे शरीर में साइनस की 4 जोडिय़ां होती हैं। यह चेहरे के अलग-अलग हिस्से में होते हैं। इनपर मसाज करना आपको दर्द और कंजेशन से आराम दिला सकता है। फ्रंटल साइनस पॉइंट माथे के बीच में होता है। दोनों हाथों के इंडेक्स फिंगर और मिडिल फिंगर को माथे के दोनों साइड आइब्रो के ऊपर रखें और 30 सेकंड तक बाहर की ओर गोल बनाते हुए मसाज करें। मैक्सिलरी साइनस चारों साइनस में सबसे बड़ा होता है। यह आपके नाक के ठीक बगल में चीक बोन्स के नीचे और जॉ लाइन के ऊपर होता है। अपने इंडेक्स फिंगर और मिडिल फिंगर से इस हिस्से पर उसी तर...

निमोनिया से बचाएंगे सेब-संतरे जैसे फल

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स्वास्थ्य : विटमिन सी युक्त फल निमोनिया के बैक्टीरिया से लडऩे के लिए शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं। बता दें कि संतरा, सेब, नींबू, अमरूद जैसे फल विटमिन सी से भरपूर होते हैं। रिसर्च में पता चला है कि बैक्टीरिया हाइड्रोजन पैरोक्साइड की मदद से इम्यून सिस्टम कमजोर करते हैं और निमोनिया का कारण बनते हैं। हाइड्रोजन पैराऑक्साइड को ब्लीचिंग एजेंट भी कहते हैं। इसे दांतों की सफाई, स्टेन रिमूवर और डिसइनफेक्टेंट की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है। लीड रिसर्चर का कहना है कि शरीर बैक्टीरिया से लडऩे के लिए हाइड्रोजन पैरोक्साइड बनाता है। हैरानी वाली बात यह है कि कुछ बैक्टीरिया इम्यून सिस्टम पर हमला करने के लिए भी इसी कंपाउंड को बनाते हैं। ऐसे में इनसे लडऩे के लिए कुछ ऐसा चाहिए जो इसे न्यूट्रलाइज कर दे। फलों में मौजूद विटमिन सी इसके लिए सबसे कारगर हथियार हो सकता है। विटमिन सी से ऐंटी-बैक्टीरियल इम्यूनिटी बढ़ेगी। इस रिसर्च में प्रमुख रूप से निमोनिया के बैक्टीरिया पर अध्ययन किया गया। निमोनिया के बैक्टीरिया हाइड्रोजन पैरोक्साइड बनाकर इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देते हैं।

गुरु दिवस : पौराणिक काल के महान शिक्षक

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विचार : आज पांच सितम्बर को गुरु दिवस उत्साह से मनाया जा रहा है। छात्र अपने अध्यापकों को जहां बधाई दे रहे हैं वहीं व्यवसायी वर्ग अपने छात्र जीवन में शिक्षकों की भूमिका को याद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर नेता, अभिनेता समेत अधिकतर लोग शिक्षक दिवस की बधाई दे रहे हैं, लेकिन बात करें पौराणिक काल की तो कई महान ऋषि शिक्षक हुए, जिन्होंने बड़ा सामाजिक परिवर्तन किया। प्राचीन काल में मानव जीवन में जब गुरु-शिष्य परम्परा की शुरुआत हुई और महान गुरुओं के ज्ञान और उनके बताए मार्ग पर चलकर विश्वप्रसिद्ध शिष्य बने, जिन्होंने भविष्य की दुनिया की दशा और दिशा दोनों बदल कर रख दी। महर्षि वेदव्यास : गुरुओं की महान परंपरा में सबसे पहला नाम महर्षि वेदव्यास का आता है। इनका जन्म आषाढ़ पूर्णिमा के दिन हुआ था। गुरु पूर्णिमा या व्‍यास पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास को समर्पित है और इनके नाम से मनाई जाती है। इनका पूरा नाम कृष्‍णद्वैपायन व्‍यास था। महर्षि वेदव्यास के पिता का नाम महर्षि पराशर और माता का नाम सत्‍यवती था। और इनको भगवान विष्‍णु का अवतार माना जाता था। महर्षि वेदव्‍यास को 18 पुराणों और महाभारत का रचनाकार माना जा...

बेल्टेड ड्रेसेज का है ट्रेंड, आप भी जरूर करें ट्राई

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  जीवनशैली : इन दिनों बेल्टेड ड्रेसेज का ट्रेंड सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। पैंट सूट हो, स्कर्ट हो, मैक्सी ड्रेस हो या फिर साड़ी हो। हर तरह के ड्रेस के साथ बेल्ट लगाकर ड्रेस को अलग और यूनीक लुक देने का ट्रेंड इन दिनों काफी फैशन में है और अगर आपने अब तक इस ट्रेंड को ट्राई नहीं किया है तो आप इसे एक बार जरूर ट्राई करें। आप चाहें तो इन बॉलिवुड दीवाज से बेल्टेड ड्रेसेज को कैरी करने के टिप्स ले सकती हैं। सबसे पहले बात बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा की। जब बात स्टाइल और फैशन की आती है तो प्रियंका चोपड़ा का नाम सबसे पहले फैशनिस्ता के तौर पर लिया जाता है। इन दिनों बेल्टेड लुक काफी ट्रेंड में है। प्रियंका चोपड़ा ने वाइट कलर की रैपअराउंड शॉर्ट स्कर्ट को येलो कलर की फुल स्लीव्स शर्ट के साथ टीमअप कर पहना था। लेकिन इस ड्रेस की हाइलाइट थी वाइट और गोल्डन कलर की ब्रॉड बेल्ट।  सुशांत सिंह राजपूत संग अपनी आने वाली फिल्म छिछोरे के प्रमोशन के दौरान श्रद्धा कपूर नजर आयीं बेल्टेड पैंटसूट लुक में। ऑफ वाइट कलर के इस पैंटसूट पर ब्लैक कलर से छोटे-छोटे प्रिंट्स बने हुए थे और मैचिंग कलर क...