नये उत्तर प्रदेश की पहचान है शुचिता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
5 हजार 805 युवाओं को बांटा नियुक्ति पत्र, कारागार विभाग में तीन हजार 12 पुरुष और 626 महिलाएं बनीं जेल वार्डर, अग्निशमन विभाग में फायरमैन के 2065 पदों पर युवाओं को मिली तैनाती समेत उत्तर प्रदेश पुलिस में और मजबूत हुआ घुड़सवार दस्ता।
विचार : उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गहमागहमी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शानदार प्रदर्शन करते हुए कई विभागों में नियुक्तियां की और रोजगारकर्मियों को नियुक्ति पत्र भी बांटे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते सवा चार वर्षों में उत्तर प्रदेश में सरकारी पदों पर हुई हर भर्ती ने शुचिता, पारदर्शिता और ईमानदारी की मिसाल कायम की है। 2017 के पहले जिस यूपी में भर्ती प्रक्रिया भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और वसूली की "पारिवारिक महाभारत" की भेंट चढ़ जाती थी, वहां चार लाख से अधिक पदों पर हुई नियुक्तियों में से एक पर भी सवाल नहीं किया जा सकता। यह नई कार्य संस्कृति, नये भारत के नये उत्तर प्रदेश की है। मुख्यमंत्री योगी ने शुचिता शब्द का इस्तेमाल किया। इस एक शब्द में बहुत सारी बातें छिपी हैं, शुचिता यानि शुद्ध होने की अवस्था, गुण या भाव, रहन-सहन में स्वच्छता, पवित्रता, ईमानदारी, निर्दोषता आदि। मुख्यमंत्री योगी के शब्द ऐसे हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि योगी ने कभी जनता से कोई वादा नहीं किया कि मैं ये कर दूंगा, मैं वो कर दूंगा। हां, इतना जरूर है कि जो भी उन्होंने मुख्यमंत्री रहते किया है उसका रिपोर्ट जरूर जनता को समय—समय पर दिया है। यानि कि वादे एक भी नहीं कार्य अनेक। इस छोटे से शासनकाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बेहतरीन कार्य किये हैं, जिसे प्रदेश की जनता को स्वयं की निगाह से देखनी, परखनी चाहिए न कि विपक्षी राजनीतिक दलों के फरेबी निगाहों से। मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार यानि दो जुलाई 2021 को जेल वार्डर, घुड़सवार पुलिस और फायरमैन के पदों पर चयनित पांच हजार 805 युवाओं को नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में युवाओं नियुक्ति पत्र बांटा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि चार वर्ष पूर्व तक उत्तर प्रदेश के कारागार अपराधियों-गुंडों के लिए आरामगाह और गिरोह संचालन का केंद्र हुआ करते थे। यहां पग-पग पर भ्रष्टाचार और अराजकता थी। वहां आज अपराधी पुलिस के नाम से खौफ खाते हैं। जिस प्रदेश में कुछ लोग केवल भर्ती प्रक्रिया अटकाने के लिए प्रयासरत रहते हैं, वहां अकेले पुलिस विभाग में डेढ़ लाख नियुक्तियां करना आसान काम नहीं। प्रदेश में सरकारी के अलावा निजी निवेश से भी युवाओं को स्वावलम्बन का आधार मिला है। जब पहले इन्वेस्टर समिट की बात आई तो लोगों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कौन आएगा निवेश के लिए। ऐसे में खुद प्रयास किया और एक ही दिन में दो लाख 10 हजार करोड़ के प्रस्ताव मिले। पहले इन्वेस्टर समिट में साढ़े चार लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, जो अब जमीन पर उतरने लगे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी और कहा कि अब जब बगैर सिफारिश, पारदर्शी व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों की प्रतिभा के अनुसार चयन हुआ है तो सेवाकाल में ईमानदारी का भाव ही होना चाहिए। नौकरी के एवज में मिलने वाला वेतन जनता के सहयोग से दिया जाता है, तो जवाबदेही भी जनता के प्रति होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अरसे बाद फायरमैन और घुड़सवार पुलिस के पदों पर भर्ती होने व महिलाओं के चयन पर प्रसन्नता जताई।
बेहतर मुख्यमंत्री का तमगा लिये योगी की राजनीतिक परिपक्वता में भी वृद्धि हुई है। इसका नवीन उदाहरण है कि मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी के संस्थापक और संरक्षक मुलायम सिंह यादव की तबीयत को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से फोन पर जानकारी ली। उन्हें बेचैनी की शिकायत पर गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां अब उनकी सेहत पहले से ठीक है। सीएम योगी ने सपा संरक्षक की सेहत के बारे में जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
अभिषेक त्रिपाठी
8765587382


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