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17 मार्च को है रंगभरी एकादशी, माता पार्वती का गौना कराकर काशी लाए थे भगवान शंकर

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जीवनशैली : शास्त्रों में फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी कहा जाता है। बाबा विश्वनाथ फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी यानी महाशिवरात्रि के दिन मां पार्वती से विवाह रचाने के बाद फाल्गुन शुक्ल एकादशी पर गौना लेकर काशी आए थे। इस अवसर पर शिव परिवार की चल प्रतिमाएं काशी विश्वनाथ मंदिर में लाई जाती हैं और बाबा श्री काशी विश्वनाथ मंगल वाध्ययंत्रों की ध्वनि के साथ अपने काशी क्षेत्र के भ्रमण पर अपनी जनता, भक्त और श्रद्धालुओं का यथोचित लेने व आशीर्वाद देने सपरिवार निकलते हैं। पुराणों में वर्णन है कि इस दिन बाबा विश्वनाथ स्वयं भक्तों के साथ होली खेलते हैं। इस दिन महंत आवास से रजत पालकी में राजशाही पगड़ी बांधे बाबा विश्वनाथ की बारात सजती है। इसके साथ ही हिमालय की पुत्री गौरी को भी सजाया जाएगा। साथ में बालरूप गणेश भी रहते हैं। इस अ‌वसर पर शाम के समय बाबा की पालकी उठने से पहले भभूत की होली खेली जाती है। इसके बाद शोभायात्रा निकलती है। इसमें हजारों की संख्या में भक्त अबीर-गुलाल उड़ाते चलते हैं। इसके बाद गर्भगृह में प्रतिमाएं स्थापित कर होली खेलने के बाद विशेष सप्तर्षि आरती की जाती है। ...

15 मार्च से शुरू हो रहा है खरमास, 1 महीने तक शुभ कार्य वर्जित

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जीवनशैली : पुराणों में वर्णन है कि होलाष्टक के 2 दिन बाद से यानी 15 मार्च 2019, शुक्रवार से खरमास प्रारंभ हो रहा है। यह मुहूर्त लगते ही सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगा, यानी कि इस दौरान कोई भी शुभ मांगलिक कार्य नहीं होंगे। 14 अप्रैल 2019, रविवार दोपहर 2 बजकर 25 मिनट तक सूर्य मीन राशि में गोचर करेंगे। उसके बाद सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा। तभी से विवाह, गृहप्रवेश आदि मांगलिक कार्य भी दोबारा शुरू हो पाएंगे, तब तक यानी 1 महीने तक कोई भी शुभ कार्य नहीं हो पाएंगे। सनातन धर्म में मान्यता है कि मलमास या खरमास का महीना शुभ नहीं माना जाता है, ऐसी कई मान्यताएं हैं कि खरमास में विवाह, भवन-निर्माण, नया व्यापार या व्यवसाय आदि शुभ कार्य नहीं किया जाता है। यह समय सौर मास का होता है जिसे खरमास कहा जाता है। माना जाता है कि इस मास में सूर्य देवता के रथ को घोड़े नहीं खींचते हैं। ज्ञात हो कि सूर्य देव सिर्फ भारत के नहीं है वे अखिल ब्रह्मांड के दिव्य देवता हैं। अत: इस समय में शुभ कार्य न करना ही बेहतर होता है। क्या करें:- — खरमास को मलमास भी कहा जाता है। इस मास की एकादशियों का उपवास कर भगवान विष्णु ...

चेहरे के लिए अभिशाप पिम्पल्स को ऐसे भगायें

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जीवनशैली : बढ़ते प्रदूषण की वजह से हमारी दिनचर्या में भी काफी बदलाव आ गया है जिसके कारण हमारी त्वचा में कई तरह की समस्याएं देखने को मिलती है। जिसके कारण चेहरे पर फुंसी निकलने के साथ पिंपल्स भी चेहरे को दागदार बना देते है जिससे त्वचा काफी बदसूरत सी दिखाई देती है। ऐसे वक्त में पिंपल से राहत पाने के लिए ब्यूटी प्रोडक्ट्स का प्रयोग करते हैं। मगर कुछ ही समय के बाद वो भी सभी राज खोल देता है आज हम आपके लिए कुछ ऐसे घरेलू उपाय लेकर आए है जिनकी सहायता से आप काफी कम समय में पिंपल्स से राहत पा सकते हैं। कच्चा पपीता पेस्ट : बता दें कि कच्चे पपीते में कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते है जिससे कोशिकाओं के विकास की गति में सुधार आता है। इसके अलावा दाग एवं एक्ने के धब्बों को तेजी से भरने में सहायता मिलती है। चेहरे में कच्चे पपीते का उपयोग करने के लिए। कच्चा पपीते को ग्राइंडर की सहायता से अच्छी तरह से ग्राइंड कर लें। फिर इस लेप में टी ट्री ऑयल की 2 बूंद, 2 बूंद नीम का तेल, गुलाब का जल और हल्दी मिलाए। अब कच्चे पपीते के पेस्ट को अपने चेहरे पर लगा लें और 30 मिनट के लिए लगा रहने दें। इसके बाद आप ठंडे पानी...

बच्चों को इन पांच चीजों से दूर रखें

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जीवनशैली : हर मां यही चाहती है कि वह अपने बच्चे को सबसे बेस्ट चीज खिलाए ताकि बच्चे की सेहत भी बनी रहे और उसे पूरा पोषण भी मिल सके। इसके लिए कुछ मांएं जहां दादी-नानी के बताएं निर्देशों का पालन करती हैं तो वहीं कुछ मांएं टीवी पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों पर भरोसा कर बच्चे के लिए खाना चूज करती हैं। बच्चे को खाना खिलाने का आपका तरीका कोई भी हो, लेकिन ये 5 चीजें बच्चे को भूल से भी न खिलाएं क्योंकि इनसे बच्चे की सेहत को फायदा नहीं बल्कि नुकसान पहुंचता है— पैक्ड फ्रूट जूस : हर तरह का पैक्ड फ्रूट जूस शरीर के लिए बेहद हानिकारक होता है, खासतौर पर छोटे बच्चों के लिए क्योंकि इनमें चीनी की मात्रा बहुत अधिक होती है और इससे मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा फ्रूट जूस में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स की वजह से ऐलर्जी, घबराहट और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का भी खतरा रहता है। कंपनियां भले ही इस बात का दावा करें लेकिन पैक्ड फ्रूट जूस में किसी भी तरह का फल नहीं होता है। ऐसे में बच्चों को फल खिलाएं या फिर घर पर ही फल का जूस निकाल कर दें, पैक्ड फ्रूट जूस बिलकुल न पिलाएं। शहद : अगर आपका बच्चा 2 साल से छोटा...

घरेलू उपचार से खत्म हो सकती है अस्थमा की समस्या

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जीवनशैली : आप भले ही सांसों का मोल न समझते हों लेकिन इसकी वास्तविक कीमत एक अस्थमा पीड़ित व्यक्ति ही समझ सकता है। श्वसन संबंधी यह समस्या कभी−कभी जानलेवा भी साबित होती है। यूं तो आप इसके लिए दवाई का सेवन करते होंगे लेकिन कुछ प्राकृतिक उपचार करने से अस्थमा अटैक को काफी हद तक कम किया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में−सांस से सम्बन्धित समस्याओं को दूर करने में शहद सबसे पुराना और प्राकृतिक उपचार है। इसके लिए एक गिलास गर्म पानी लेकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर उसका धीरे−धीरे सेवन करें। इसके अतिरिक्त रात में सोने से पहले भी एक चम्मच शहद में थोड़ा सा दालचीनी पाउडर मिलाकर उसे चाट लें। कॉफी : कॉफी भी अस्थमा से राहत दिलाने का एक आसान लेकिन कारगर उपाय है। इसके लिए आप एक कप गर्मागर्म कॉफी का सेवन करें। इससे आपको तुरंत अस्थमा से राहत मिलती है। दरअसल, यह तुरंत वायुमार्ग को खोलता है, जिससे आपको सांस लेने में आसानी होती है। अदरक : अदरक का इस्तेमाल आपने चाय में तो कई बार किया होगा, अब इसकी मदद से अस्थमा को मात दें। इसके लिए अदरक को कद्दूकस करके उसे एक कप गर्म पानी में डाल दें। ...

होममेड क्रीम से खूबसूरत चेहरे को निखारें

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जीवनशैली : स्किन केयर रूटीन का एक अहम हिस्सा हैं नाइट क्रीम्स...ये क्रीम हमारी डैमेज स्किन को रात के वक्त रिपेयर करती है और जरूरी पोषण भी देती है। हालांकि अगर आप नाइट क्रीम्स खरीदने जाएंगी तो इतनी कीमत भी काफी अधिक होती है। साथ ही अपनी स्किन टाइप के अनुसार बेस्ट नाइट क्रीम चुनना भी मुश्किल काम है। लिहाजा हम आपको बता रहे हैं कुछ घरेलू नुस्खे जिनका इस्तेमाल कर आप घर पर ही नाइट क्रीम तैयार कर सकती हैं और आपको केमिकल वाले ब्यूटी प्रॉडक्ट्स भी यूज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी- आमंड नाइट क्रीम : इसे घर पर ही तैयार करने के लिए सबसे पहले कोकोआ बटर को पिघलाएं और उसमें कुछ चम्मच शहद और बादाम का तेल मिलाएं। आप चाहें तो इसमें गुलाबजल की कुछ बूंदें भी डाल सकतीं हैं। इसे अच्छी तरह से मिक्स करें और आपकी आमंड नाइट क्रीम हो गई तैयार। यह क्रीम ड्राई स्किन के लिए परफेक्ट है। हालांकि इसे किसी भी स्किन टाइप के लिए यूज किया जा सकता है। यह क्रीम आपकी स्किन को स्मूथ और हेल्दी बनाएगी। ऐवकाडो नाइट क्रीम : इसे बनाने के लिए 1 ऐवकाडो के पल्प में आधा कप योगर्ट और एक अंडा मिलाएं और इसे अच्छी तरह से मिक्स करके स्मूथ प...

वाहनों के शोर, शराबे से लोगों के कान हो रहे खराब

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जीवनशैली : लगातार शोर-शराबे के बीच रहने से कान को नुकसान पहुंचता है और इंसान की सुनने की क्षमता घटने लगती है। डब्ल्यूएचओ का आंकड़ा बताता है कि दुनिया में 12 से 35 वर्ष उम्र के एक अरब से ज्यादा युवा मनोरंजन के लिए शोर के उच्च स्तरों के बीच रहते हैं, जिससे उन्हें बाद में सुनने में दिक्कत हो सकती है। आमतौर पर 65 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग एक-तिहाई लोग सुनने में अक्षम होते हैं। डब्ल्यूएचओ का एक और आंकड़ा कहता है कि दुनियाभर में लगभग 46.6 करोड़ लोगों को सुनने में कठिनाई होती है। यदि कोई उपाय नहीं किया गया तो वर्ष 2050 तक यह संख्या बढकऱ 90 करोड़ हो जाएगी। इसलिए कान के नुकसान की पहचान के लिए प्रारंभिक जांच और इलाज पर जोर दिया जाना जरूरी है। सुनने की क्षमता घटने के पीछे जो कारण हो सकते हैं, उनमें प्रमुख हैं- परिवार में पहले से ही इस समस्या का होना, संक्रमण, तेज शोर, दवाइयां और बढ़ती उम्र आदि। इनमें से कई कारणों से सुनने की क्षमता कम हो सकती है, जबकि टीकाकरण और शोर पर प्रतिबंध लगाकर इसे रोका जा सकता है। रूबेला, मैनिनजाइटिस और मम्प्स जैसे संक्रमणों के परिणामस्वरूप बच्चों में सुनने की क्षमता घटन...